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Showing posts from November, 2009

लोहिया ऑटो इंडस्ट्रीज के ‘इलेक्ट्रिक बाईक’ की धूम

लोहिया ऑटो इंडस्ट्रीज (एल ए आई) लोहिया समूह की पर्यावरण-अनुकूल, किफायती बिजली से चलने वाली बाईक- ओमा स्टार को बाजार में उतारा । ये कंपनी भारत में बिजली से चलने वाले दो- पहिए वाहनो का उत्पादन करने वाली औद्योगिक इकाइयों में से एक प्रमुख इकाई है ।
ओमा स्टार, सुरक्षा, स्टाईल और आराम का अद्वितीय सम्मिश्रण है । अप्ने नए रूप के साथ डिजिटल स्पीडोमीटर, एलॉए के स्टाइलिश पहियों, ज्यादा स्टोरेज क्षमता, उच्च ग्राउंड क्लीयरेंस, टेलिस्कोपिक सस्पेंशन, आदि सभी विशेषताएं इस बाइक में मौजूद हैं । हमेशा की तरह ही लोहिया ऑटो इंडस्ट्रीज का ये मॉडल भी अपने संभावित खरीदारों को पैसे की सही कीमत अदा करने में सक्षम है ।
ओम स्टार तीन तरह के रंगों में उपलब्ध है- मैको ब्लैक, फाइरी रीड और स्पीरीटेड सिल्वर । आम आदमी की जरूरतों के मुताबिक दिल्ली में ओमा स्टार की कीमत २५,९९९ रूपए और फेम की कीमत २४,६५० रूपए रखी गई है । २५ किमी/घंटा की रफ्तार के साथ ओ एन ए स्टार हर बार चार्ज करने पर ६० किमी की दूरी तय करती है । ये इलेक्ट्रोनिक बाइक अलाने में आसान और बेहतर है, इसका स्टाईल अनुपम है और इसके जरिए अच्छी खासी बचत की जा सकती है…

जिनका उद्देश्य है ग्राहकों को आकर्षित करना

मेले में किसी भी उत्पाद के प्रचार के लिए कंपनी विभिन्‍न हथकंडे अपनाती है ।ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कंपनियाँ दर्शकों के भीड़ जुटाकर अपने उत्पाद हेतु प्रचार-प्रसार करना ज्यादा फायदेमंद मानती है । इसके तहत रोड शो, नुक्‍कड़ नाटक, ऑस्केस्ट्रा, लकी ड्रा, लॉटरी, पजल गेम, क्विज आदि तरीके आते हैं । ग्राहकों के मन में उत्पाद के प्रति संभावना, माँग, नकारात्मक एवं सकारात्मक पहलुओं को जानना समझना अति आवश्यक होता है । इसके लिए हर बड़ी कंपनी सर्वेक्षण एजेंसी का सहारा लेती है । देश के विभिन्‍न क्षेत्रों से ग्राहकों की मानसिकता का अध्ययन कुछ पन्‍नों में विभिन्‍न प्रश्नों को पूछकर किया जाता है । सी-४, नेल्सन, मार्ग, क्रेड आदि सर्वेक्षण कंपनियाँ उत्पाद निर्माताओं, राजनैतिक दलों, गैर सरकारी/ सरकारी संस्थाओं व व्यक्‍ति विशेष के संदर्भ में व्यापक रूप से आँकड़ा इकट्‌ठा कर पूरी योजनाओं को मूर्त्त रूप देते हैं ।
इसी के अगली कड़ी के रूप में उत्पाद निर्माता अपने उत्पादों के लांचिंग हेतु ज्यादा से ज्यादा भी जुटाने हेतु विभिन्‍न कलाकारों को भी हायर करती है । इस असायनमेंट के तहत उन कलाकारों की जिम्मेवारी भीड़ क…

अप्रवासी भारतीय वेंकटरमण को रसायनशास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार

वेंकटरमन रामचंदन नोबेल से सम्मानित होनेवाले सातवें भारतीय हैं । वास्तव में इससे भारत गौरवान्वित हुआ है । उल्लास में उनका बड़ौदा वि. वि. भी है । वैसे यह गलत चलन है कि काम का महत्व पुरस्कारों से तय होता है । खुद उनके कार्य (अनेक लाइलाज बीमारियों का निदान), उनसे जुड़े वैज्ञानिकों एवं उनके साथ सम्मानित अदा योनोथ व थामस स्टीज को लख-लख बधाई ।
भले ही वह बहुत पहले अमेरिका में बस गए लेकिन रसायन विज्ञान के लिए भारतीय अमेरिकी वैंकटरमन रामाकृष्णन को नोबेल पुरस्कार मिलने की घोषणा ने करोड़ों भारतीयों को गौरवान्वित कर दिया । कोशिकीय तंत्र में प्रोटीन की रचना करने वाले अंगक राइबोजोम पर उल्लेखनीय अनुसंधान कार्य के लिए यह पुरस्कार मिला ।
मंदिरों के शहर तमिलनाडु के चिदंबरम में १९५२ में जन्में ५७ वर्षीय रामाकृष्णन ऐसे सातवें भारतीय या भारतीय मूल के व्यक्‍ति हैं जिन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया है । रामाकृष्णन्‌ ने गुजरात के बड़ौदा वि. वि. से १९७१ में विज्ञान में स्नातक की उपाधि हासिल की और फिर उच्चतर अध्ययन के लिए अमेरिका चले गए । बाद में वह पूरी तरह अमेरिका में बस गए और उन्होंने वहाँ की न…