Skip to main content

Posts

Showing posts from November, 2010

सूचना का अधिकार (RTI) वर्तमान स्थिति एवं चुनौतियाँ

सरकार, सरकारी योजनाएँ और तमाम सरकारी गतिविधियाँ हमारे दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं । आम आदमी से जुड़े कई मामले प्रशासन में बैठे भ्रष्ट, लापरवाह या अक्षम कर्मचारियों/अधिकारियों के कारण फलीभूत होने के बजाय कागज का पुलिंदा बनकर रह जाती है । सन्‌ १९४७ में मिली कल्पित आजादी के बाद से अब तक हम मजबूर थे । व्यवस्था को कोसने के सिवाय कुछ नहीं हैं, क्योंकि आज हमारे पास ‘सूचना का अधिकार’ (RTI) नामक औजार है, जिसका प्रयोग करके हम सरकारी विभागों में अपने रूके हुए काम आसानी से करवा सकते हैं । इस हेतु हमें ‘सूचना का अधिकार अधिनियम २००५’ की बारिकियों को ध्यानपूर्वक समझना और समझाना होगा । सामाजिक क्षेत्र में यह कानून ग्राह्य हो, इसके लिए बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, महिलाओं, युवाओं के विशेष रूप से जागरूक किए जाने की आवश्यकता है । भगत सिंह ने क्रांति को जनता के हक में सामाजिक एवं राजनीतिक बदलाव के रूप में देखा था । सूचना का अधिकार (RTI) को हल्के अंदाज में न लेकर एक बड़े आंदोलन के रूप में देखें, सोंचे एवं मूल्यांकन करें तभी वास्तव में इसकी सार्थकता सिद्ध होगी । ६३ साल पूर्व मिली आ…

आर.टी.आई के अस्त्र से से करें भ्रष्टाचार रुपी रावण का अंत : श्री सनातन धर्म लीला कमेटी

पुरानी दिल्ली स्टेशन के सामने दंगल मैदान में श्री सनातन धर्म लीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला मंचन के अंतिम दिन भगवान राम का राज्याभिषेक उत्सव (राजतिलक ) के अवसर पर संस्था के कार्यवाहक अध्यक्ष सुरेश खंडेलवाल ने कहा की बुराईपर अच्छाई की जीत का प्रतीक मन जानेवाला त्योहार विजयादशमी भी अब प्रतीकात्मक ही रह गया है .अगर हम अपने चारों तरफ नजर डालें तो भ्रस्ताचार , महंगाई ,लालच , अपराध आदि तमाम बुराईयों के रावण प्रतिदिन सर उठा रहे हैं परन्तु उनका संहार करने कोइ राम नहीं आएगा क्योंकि जिन राजनेताओं पर भरोसा करके हमने उन्हें आदिकार संपन्न बनाया वह तो आज खुद रक्षक से भक्षक बन चुके हैं .हमलोगों को अपने बलबूते पर इससे निपटना होगा .इसके लिए देश के सभी नागरिकों को एकजुट होने की आवश्यकता है . कॉमनवेल्थ खेल के दौरान हुए तमाम भ्रष्टाचार को लीपापोती की आशंका ही ज्यादा है. इस तरह के तमाम समस्याओं को जड़ -मूल से नष्ट करने के लिए जनता को ही आगे आकर मोर्चा संभालना होगा . संस्था के प्रचार मंत्री अनिल कुमार मित्तल ने कहा की रामराज्य में भी आम लोगों को सूचना का अधिकार प्राप्त था. राम के शासनकाल में एक धोबी द्…

राष्ट्र निर्माण के परिप्रेक्ष्य में १९ वां राष्ट्रमंडल खेल ,२०१०

राष्ट्रीय विचार मंच एवं अनुव्रत महासमिति के संयुक्त तत्वावधान में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की १३५ वीं जयंती के अवसर पर आयोजित "राष्ट्र निर्माण के परिप्रेक्ष्य में १९ वां राष्ट्रमंडल खेल ,२०१० विषय के संगोष्ठी की अध्यक्षता पदमश्री श्याम सिंह शशि ,विषय प्रवर्तन राष्ट्रीय विचार मंच के संरक्षक एवं विचार दृष्टि पत्रिका के संपादक सिद्धेश्वर जी ने की. संगोष्ठी में मुख्य रूप से गाँधी प्रतिष्ठान के सचिव सुरेन्द्र कुमार ,नगरी लिपि परिषद् के मंत्री डा. परमानंद पंचाल, अनुव्रत महासमिति के संयुक्त मंत्री बी एन पाण्डेय ,लोक सभा सचिवालय के उप सचिव नवीन कुमार झा ,आर.टी. आई एक्टिविस्ट गोपाल प्रसाद ,सामाजिक कार्यकर्ता डा. प्रसून प्रमुख रूप से उपस्थित थे .समारोह का उदघाटन जयपुर के वरिष्ठ साहित्यकार डा. नरेन्द्र शर्मा "कुसुम" ने की. अतिथियों का स्वागत राष्ट्रीय विचार मंच के सचिव प्रो. पी. के. झा "प्रेम" तथा विचार दृष्टि पत्रिका के संपादक उपेन्द्र नाथ ने धन्यवाद ज्ञापन किया. इस अवसर पर विचार दृष्टि पत्रिका के "राष्ट्रमंडल खेल -2010 विशेषांक का लोकार्पण पदमश्री डा . श्याम…