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Showing posts from January, 2012

साहित्य जगत में "विश्व हिंदी साहित्य परिषद् का उदय"

साहित्य जगत में एक नवोदित संस्था का उदय हुआ है, जिसका नाम है-" विश्व हिंदी साहित्य परिषद् ". नाम के अनुरूप ही संस्था ने काम भी किया है. संस्था ने अपने प्रथम स्थापना दिवस समारोह प्रख्यात साहित्यकार जगदीश चतुर्वेदी के साहित्य में छह दशकीय योगदान पर उनके ही आवास पर परिचर्चा आयोजित करके किया. इस अवसर पर सुश्री सुनीता डागर द्वारा रचित काव्य संग्रह "कविता की डगर" का लोकार्पण भी हुआ. इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध साहित्यकार अजित कुमार एवं विशिष्ट अतिथि अनुभूति चतुर्वेदी थी.
विश्व हिंदी साहित्य परिषद् के अध्यक्ष आशीष कंधवे ने कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए कहा - परम आदरणीय जगदीश चतुर्वेदी के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देना तो अत्यंत दुष्कर कार्य है . मैं कोशिश करूंगा की जितनी भी जानकारी मेरे पास है वह सब आप से बाँट सकूं. जगदीशजी ने श्रमसाध्य जीवन अब तक व्यतीत किया है . इनकी साहित्य साधना अपूर्व है. इनकी कविताओं में राष्ट्रीय चेतना और व्यापक सांस्कृतिक दृष्टि है जो एक नए क्रांतिकारी युग का प्रतिनिधित्व भी करती है. …