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Showing posts from November, 2012

मनोरोगियों की है अलग दुनियां : गोपाल प्रसाद

डा. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मनोरोग विभाग में रोगियों की संवेदनाएं , वैचारिक आदान- प्रदान, मनोभाव, उल्लास-उमंग, सुख-दुःख, घृणा- अपनत्व व्यक्त करने के अजब- गजब तरीके हैं. यहाँ के हर मरीज के अलग-अलग लक्षण हैं. कई के तौर तरीके तथा लक्षण तो उनके नाम के अनुरूप हैं , परन्तु कई के लक्षण उसके नाम के बिलकुल विपरीत है. एक रोगी जिसका नाम शांति है , के महिला वार्ड में आते ही अशांति फैल गई. विलक्षणा नाम की रोगी हर डॉक्टर -नर्स से स्वयं को डिस्चार्ज करने एवं हर किसी से मोबाईल पर अपने पारिवारिक सदस्यों से बातचीत करवाने का आग्रह करने और जिन्दगी के यथार्थ दर्शन के अनुभवों को बाँटने का पुनीत कार्य कर रही है.

बेबी नाम से यह मत सोचिए की यह कोई बच्ची है. 32 साल की इस उग्र रोगी ने अपने पति के कमीज, बनियान फाड़ने, उनके सभी जरूरी कागजात के साथ-साथ अस्पताल में भर्ती होने के भी कागजात फाड़ने एवं पति के साथ अस्पताल परिसर में भी दुर्व्यवहार करने और अस्पताल से भाग जाने का उदाहरण प्रस्तुत कर चुकी है . जहाँ एक रोगी कई बार स्नान करती है एवं अस्पताल के बर्तन में खाना तक नहीं खाती , वहीं एक रोगी बिना पति के न तो …