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Showing posts from November, 2013

मौलिक भारत ने लिया‘मतदाता जागरूकता अभियान’ प्रारंभ करने का संकल्प

राजनीतिक दलों में लोकतंत्र लाए बिना विधानसभा व संसद में लोकतंत्र की अपेक्षा नहीं की जा सकती है। जनजागृति के लोकतांत्रिक माध्यम से जनमत को तैयार कर व्यवस्था में व्यापक बदलाव का रास्ता अपनाया जा सकता है। मतदाता के रूप में अपने कर्तव्य व उत्तरदायित्व को समझाने के ध्येय के साथ अधिकतम लोगों को जागृत व सक्रिय करने हेतु सामाजिक संस्था "मौलिक भारत" ने कई संस्थाओं के साथ मिलकर ‘मतदाता जागरूकता अभियान’ प्रारंभ करने का संकल्प लिया है। लोकतंत्र की स्थापना व राजनीति को लोकनीति में बदलने हेतु सबसे आवश्यक है धोखतंत्र पर प्रहार। इसी भ्रम को समाप्त कर ही लोकतंत्र को वास्तविक अर्थों में स्थापित करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जा सकती है।मौलिक भारत ने इस हेतु कुछ महत्वपूर्ण बिषयों को अपने जनजागरण का आधार बनाया है. मौलिक भारत संस्था के राष्ट्रीय संयोजक अनुज अग्रवाल के अनुसार मतदाताओं के लिए हेल्पलाइन/काल सेंटर का निर्माण,दिल्ली एवं देश भर में मतदाता सूची में करोड़ों फर्जी नामों को हटवाना, करोड़ों लोग जिनके नाम मतदाता सूची में नहीं हैं उनके नाम शामिल करवाना, मतदान करने क…

RTI Query by GOPAL PRASAD about movable/immovable properties of Indian Administrative Officers and Central Ministers

In reply of RTI Query about movable/immovable properties declared by all the officers of Indian Administrative Service ( IAS,IPS, IRS, IFS ), Chief Commissioner of Income Tax (CCA) is concerned with the details of IRS Officers only. The Details of movable /immovable properties as declared by all the IRS Officers is available on the website "www.irsofficersonline.gov.in". Thus the information sought by the applicant is in respect of information which is already available in public domain and the applicant is advised to refer "view IPR" on the departmental website www.irsofficeronline.gov.in . The CIC vide decision contained in F. No. CIC/AT/2006/00336 Dated 25.1.2006 has inter alia, held that once the information is in the public Domain , It cannot be said to be 'held' by the given public authority , It is not open to the appealant to ask the public authority to seek details or explain the procedures to him no obligation on PIO to provide such information i…

सूचना का अधिकार कानून को कमजोर करनेवाले राहुल सोनिया से जनता अनभिज्ञ : गोपाल प्रसाद

सूचना का अधिकार कानून (RTI) कानून 12 अक्टूबर, 2005 को लागू हुआ था . इस कानून कि धारा- 4 के तहत 6 महीने के अंदर ही सभी सरकारी विभागों को अपने विभाग की सभी सूचनाएं अपने वेबसाइट पर डालना था , परन्तु 6 महीने की जगह 8 बर्ष बीत जाने पर भी सभी सरकारी विभागों ने इस अनिवार्य विषय का पालन नहीं किया . केन्दीय सूचना आयोग एवं सभी प्रदेशों में सूचना आयुक्तों के निर्धारित पदों पर नियुक्ति ना होना , अधूरे- गलत व समय पर सूचना नहीं देने के कारण जनसूचना अधिकारियों पर लगे दंड की वसूली ना होना, आरटीआई आवेदकों को समय पर सूचना नहीं मिलने कि स्थिति में बढ़ाते अपील आवेदनों का निपटारा न होना , जनसूचना अधिकारियों को आरटीआई सेल हेतु पर्याप्त सुविधाएं एवं कर्मचारी मुहैया ना कराए जेन के पीछे यूपीए सरकार के असली रहनुमा सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी की सोची-समझी साजिश है. वास्तव में आरटीआई को सशक्त करने तथा उसे पूर्ण अधिकार संपन्न बनाने की इनकी कोई मंशा नहीं है , क्योंकि इससे सरकारों की कलाई खुल जाएगी . सभी जांच एजेंसियों पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष अंकुश लगाकर शासन एवं प्रशासन कि पारदर्शिता , शुचिता को ख़त्म …