मंगलवार, 13 मई 2014

अमेठी का अनुभव : गोपाल प्रसाद ( आर टी आई एक्टिविस्ट )


विगत 13 अप्रैल 2014 से 07  मई  2014 तक लोकसभा  चुनाव के दौरान अमेठी में रहकर काफी अनुभव प्राप्त किया।  कुछ लोगों की आंतरिक मानसिकता एवं उनकी वास्तविकता से रूबरू हुआ।  भाजपा से टिकट  नहीं मिलने के बाद  वरिष्ठ  भाजपा नेता श्री संजय जोशी एवं राष्ट्रीय  स्वयं सेवक  संघ   के वरिष्ठ पदाधिकारी श्री इन्द्रेश जी के इच्छानुसार  मैंने अमेठी से निर्दलीय उम्मीदवारी का विचार  त्याग दिया।
            स्वामी रामदेव जी के अमेठी आगमन  की तैयारी एवं फिर स्थगित होने  के बाबजूद भारत स्वाभिमान ट्रस्ट से जुड़े होने के कारण सम्पूर्ण चुनाव अवधि में उत्तरप्रदेश प्रभारी श्री सन्देश योगीजी , श्री दुर्गेशजी , श्री सुरेन्द्र सिंह जी एवं श्री शशांकजी के  सानिध्य में सैकड़ों  कार्यकर्ताओं के साथ सम्पूर्ण समय  दिया एवं श्री नरेंद्र मोदी जी को प्रधानमंत्री पद पर पदासीन करने हेतु भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने में प्राणपण से जुटे रहे।
   मेरा  अमेठी से चुनाव लड़ने की इच्छा  का कारण  राहुल गांधी के भाषण की एक उक्ति थी। राहुल गांधी ने  कहा  था कि बिहार  और उत्तर प्रदेश के लोग दिल्ली एवं मुम्बई में भीख मांगने का काम करते हैं .साथ  ही  उन्होंने यह भी कहा था कि अमेठी के लोग काम नहीं करना चाहते हैं। उनके  इसी  वक्तव्य का बदला लेने का गुस्सा मेरे दिल में उबाल मार रहा  था  . वर्त्तमान सांसद राहुल गांधी के डपोरशंखी वादों  एवं दावों की कलई खोलना  ही हमारा मकसद है।
   अमेठी क्षेत्र से जुड़ाव एवं प्रतिबद्धता के संकल्प  से मैं पीछे नहीं रहा।  हमें विश्वास है कि अमेठी की जनता को  वर्तमान सांसद श्री राहुल गांधी की नाकामियों एवं सच्छाईयों से अवगत करने का मेरा प्रयास एक न एक दिन अवश्य रंग लाएगा।  हमें खुशी है कि दो वर्षों के अमेठी प्रवास में हमारे उद्देश्यों , विचारधाराओं को महत्व देनेवाले भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत फ़ौजी  भेटुआ निवासी श्री  सुरेशचन्द्र पाण्डेय  नामक मात्र एक व्यक्ति मिले।
         अमेठी की मूलभूत समस्याओं के निदान एवं विकास हेतु हमारा  बहुउद्देश्यीय  संघर्ष अनवरत रूप से जारी रहेगा।  मैं हार माननेवाला व्यक्ति नहीं हूँ और न ही पीछे मुड़कर देखनेवाला प्राणी।  अपनी असफलताओं से सबक लेकर  नई शक्ति , नई ऊर्जा , नई टीम के साथ राष्ट्र के महत्वपूर्ण उद्देश्यों की पूर्ति हेतु सतत गतिशील रहूंगा
     गोरखपुर में आयोजित  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ  प्रथम वर्ष (विशेष) प्रशिक्षण शिविर  जो  संभवतः 25 मई से 15 जून तक  चलेगा में भाग लेने हेतु 23 मई को अमेठी से प्रस्थान करूंगा।
अमेठी वासियों को निम्न पंक्तियों के मर्म समझने की जरूरत है -----
" करत -करत अभ्यास ते, जड़मति होत सुजान
 रसरी आवत जात ते, सिल पर पडत निशान। "
       जिन साथियों एवं शुभेक्षुओं ने मुझ जैसे तुच्छ , निर्बल , बुद्धिहीन पर अब भी विश्वास व्यक्त किया एवं आर्थिक सम्बल दिया उनका मैं आजीवन आभारी रहूंगा।
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सोमवार, 24 मार्च 2014

अर्थ, काम और मोक्ष पर "धर्म "का सम्पूर्ण नियंत्रण



हमारी दृष्टि भारत के सनातन मूल्यों से ऊर्जा प्राप्त करती है , न कि किसी विदेशी समाज के संरचना के सिद्धांतों से।  हमने अपनी लम्बी सांस्कृतिक परंपरा के मूल स्वरों की सरल व्याख्या किया है , ताकि गूढ़ से गूढ़ विचार भी सहज रूप से स्पष्ट हो जाय।  भारत की राष्ट्रीयता किसी राजनीतिक एकीकरण के सिद्धांत से उपजी हुई अवधारणा नहीं है , वह तो सांस्कृतिक एकता की सहज उपज है।  वह किसी मौर्य , मुग़ल , अथवा ब्रिटिश साम्राज्य की देन नहीं है , वह तो एक लम्बी हिन्दू विरासत की देन है।  राज्य आते रहे , राज्य जाते रहे किन्तु हमारी सांस्कृतिक एकता का प्रवाह अक्षुण्ण बना रहा।  वह किसी राजा का मोहताज नहीं रहा।  किसी राजा के प्रश्रय अथवा उसके विरोध के कारण उसका उदय अथवा विकास नहीं हुआ और न ही  उसके कारण उसका ह्रास ही हुआ।  भारत की सांस्कृतिक एकता राज सापेक्ष नहीं , राज निरपेक्ष रही है।  अशोक और अकबर के साम्राज्यों ने भारत की एकता को नहीं बनाया।  इनमें से किसी ने भी अर्धशताब्दी तक भी राज नहीं किया , इसकी एकता के बीज तो इसके संत महात्माओं ने निरंतर बोएं हैं , राजाओं ने तो सिर्फ फसलें काटी हैं।  यह नहीं भूलना चाहिए कि पूरी की पूरी सामाजिक , राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था के अधीन था , उससे ऊपर नहीं था।  यह व्यवस्था ही "धर्म"कहलायी जो चारों पुरुषार्थों में सबसे ऊपर थी -अर्थ, काम और मोक्ष पर सम्पूर्ण नियंत्रण "धर्म "का था।
    भारत में धर्म की परिभाषा संकीर्ण सम्प्रदाय के चौखटे में नहीं की गई थी।  वह सहज , सामान्य और नैसर्गिक सिद्धांतों की व्याख्या रही है , इसीलिए यह सार्वभौमिक है।  सभी मनुष्यों के लिए समान रूप से लागू होती है।  जैसे नदी का धर्म जल देना , वृक्ष का धर्म फल - फूल और वायु  देना है , उसी प्रकार से समाज का धर्म व्यक्ति के लिए सुख , सुविधा और सुरक्षा प्रदान करना है।  अतः हिन्दू धर्म मानव मात्र का धर्म है , किसी वर्ग विशेष का नहीं है।

( आरा के नर्मदेश्वर ओझा द्वारा लिखित पुस्तक -"राष्ट्रीयता सांस्कृतिक अवधारणा "के शुभाशंसा में संघ के पूर्व सहकार्यवाह सुदर्शनजी के  उदगार से साभार)

रविवार, 23 मार्च 2014

जदयू भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष निखिल त्यागी भाजपा में क्यों शामिल हुए?



श्री राजनाथ सिंह एवं श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में  तथा युवाओं के हरदिल अजीज श्री अनुराग ठाकुर के  उपस्थिति   में युवाओं की  ऊर्जा को  सकारात्मक दिशा देने एवं समृद्ध  राष्ट्र निर्माण के लिए आज हम हजारों साथियों के साथ भाजपा में शामिल हो रहे हैं।  
          आजादी के 66 बर्ष बीत जाने के बाद भी सत्ता कि बागडोर प्रायः कांग्रेस के हाथ में ही रहा परन्तु   देश में बेरोजगारी की स्थिति घटने के बजाय बढती ही चली गई। जनसँख्या  बढती गई , बेरोजगारी बढती गई परन्तु सरकारी विभागों में नियुक्तियां तथा रोजगार सृजन थप रहा।  केंद्र सरकार की सुप्रसिद्ध संस्था कपार्ट को बंद करने का निर्णय लेना पड़ा , जिससे ग्रामीण विकास ठप पड़ गयी  है। हमारी केंद्र की  सरकार  देश की मूलभूत आवश्यकताओं की  पूर्ति के बजाय केवल डपोरशंखी वादों एवं दावों की घोषणाओं में ही व्यस्त रही।  अपनी असफलताओं को छुपाने के लिए धर्म निरपेक्षता, साम्प्रदायिकता और आरक्षण जैसे मायावी शब्दों का सहारा लेकर देश के अवाम विशेषकर युवाओं को धोखा देने में पूरी यूपीए सरकार व्यस्त रही है।  
          देश को विकास के रास्ते पर ले जाने की आज परम आवश्यकता है।  आज हमारे समक्ष बेरोजगारी , गरीबी , असमानता , मॅहगाई को ख़त्म करने की चुनौती है।  जबकि इसके निराकरण हेतु हमारे तथाकथित काबिल अर्थशास्त्री  प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह असफल साबित हुए हैं।  आज देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था , अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध  दांव पर है।  एक और चीन हमारे बड़े भूभाग पर कब्ज़ा जमाए  बैठा है . पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी गतिविधियां  चरम पर है। पनडुब्बी की   बैटरी की समयावधि ख़त्म हो जाने के बाद भी उसके परिचालन की मंजूरी  मिल जाती है, हमारे सैनिकों के सर काट  लिए जाते हैं , भोपाल गैस कांड के मुख्य अभियुक्त एंडरसन को विदेश जाने की इजाजत मिल जाती है  और हमारी केंद्र सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रह जाती है।  
          आज भ्रष्टाचार बहुत बड़ी बाधा है , जिसका समूल नाश करना अति आवश्यक है इसके समूल नाश के लिए ही हमने हजारों की संख्या में युवा साथियों को जदयू के साथ जोड़ा ।  अन्ना  आंदोलन की आड़ में केजरीवाल ने जनता की भावनाओं को भुनाने का कार्य किया और बाद में मुख्यमत्री पद से इस्तीफा देने का धोखा देकर भाग गया।  अब हर कोई जानने लगा है कि केजरीवाल अब भ्रष्टाचार पर ध्यान नहीं दे रहे है।  वे वास्तविक मुद्दों से भटक गए हैं।  चुनाव से पहले ही कांग्रेस को सूपड़ा साफ होने का भय सताने लगा है।  इसीलिए उसने केजरीवाल को अपने बी ग्रेड टीम का प्रभारी बनाकर भाजपा का खेल बिगाड़ने में जी जान से जुट गई है।  
         अभी हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय (11 अशोक रोड ,नई दिल्ली )  पर केजरीवाल ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करके बल्क एसएमएस के माध्यम से अपने कार्यकर्ताओं द्वारा अवैध प्रदर्शन एवं पथराव करवाने का कुत्सित प्रयास किया है , वह काफी निंदनीय है। केजरीवाल के परम सहयोगी आशुतोष और राजमोहन  गांधी जी इस कुकृत्य के न केवल प्रत्यक्षदर्शी रहे बल्कि आप  कार्यकर्ताओं को उकसाने का कार्य भी किया , जिसके प्रत्यक्षदर्शी गवाहअमेठीमें अतिसक्रिय  हमारे मित्र सुप्रसिद्ध  आरटीआई एक्टिविस्ट  गोपाल प्रसाद भी हैं जो  उस दिन घायल दस भाजपा कार्यकर्ताओं में से एक थे।  केजरीवाल एक तरफ अण्णा हजारे और लाल बहादुर शास्त्री की तरह गांधी टोपी पहनते हैं तथा दूसरी ओर भुल्लर के लिए राष्ट्रपति से माफी की मांग करते हैं।  उनके अन्य सहयोगी प्रशांत भूषण कश्मीर को भारत से अलग करने हेतु जनमत सर्वेक्षण करने जैसे बयान देते हैं। क्या ऐसे लोगों को गलती से भी सत्ता में आना चाहिए ? यह तमाम प्रश्न आज युवाओं के मनः मस्तिष्क  में उमड़ रहा है।
राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समस्याओं के समाधान हेतु श्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने हेतु युवा शक्तियों का समन्वय आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।  हमें विश्वास है कि हमारी पूरी टीम  भाजपा युवा टीम के प्रणेता  श्री अनुराग ठाकुर के नेतृत्व  एवम मार्गदर्शन में देश का भविष्य भाजपा को सौंपने के लिए जी- जान से जुट जायेगी।   
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निखिल त्यागी 
9540337127, 9311701760

गुरुवार, 20 मार्च 2014

" हिन्दू" कोई संप्रदाय नहीं , एक " जीवनप्रणाली "

संस्कृति " स्वयं" में एक भावनात्मक संज्ञा है , जिसकी पहचान होती है उसमें पैदा हुए और उसे स्वयं जीते हुए लोगों के जीवनमूल्यों से जो उनके जीवन जीने की शैली का निर्धारण करते हैं। इसीलिए कहा जाता है कि " हिन्दू" कोई संप्रदाय नहीं है। वह एक " जीवनप्रणाली " है। वह व्यक्ति की पारिवारिक और सामाजिक जीवन पद्धति का निरूपण है। व्यक्ति के जीवन का कल प्रायः सौ बर्ष है और हिन्दू धर्म अथवा हिन्दू जीवन प्रणाली को इसी कालखंड में विभाजित करके उसके आदर्शों की संरचना हमने की है। चार आश्रमों अर्थात ब्रह्मचर्य , गृहस्थ , वानप्रस्थ , और सन्यास को 25, 25 बर्ष का समय दिया गया है। प्रत्येक में नारी पुरुष के सम्बन्धों के आदर्शों को विस्तार दिया गया है। मन , पत्नी, बहन , भाभी , ममी , बुआ आदि कितने ही रूपों में उसके कर्तव्यों की व्याख्या की गई है। पुरुष के भी ऐसे ही सम्बन्धों के आदर्शों का निरूपण हुआ है। यही नहीं स्त्री और पुरुष के सामाजिक उत्तरदायित्वों का भी पूरा- पूरा वर्णन किया गया है। इस सबके केंद्र में है शिक्षा के स्वरुप को व्याख्यायित करना। दुर्भाग्य से आज की शिक्षा प्रणाली से " अच्छे " व्यक्ति का निर्माण ही नहीं हो पा रहा है , भले ही वह " अच्छा डाक्टर या अच्छा " इंजीनीयर " क्यों न बन जय। उदहारण के लिए हम लें तो यह कौन नहीं जनता कि अधिकतर इंजीनीयर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। जिसके कारण घटिया सामग्री प्रयोग में आती है , जिससे भवन और नहर समय से पहले ही धरासायी हो जाती है। स्पष्ट है कि कुशल कारीगर होकर भी उनका कार्य " अकुशल " हो जाता है और समाज को उसका हर्जाना भरना पड़ता है। दूसरी ओरउनकी सही ट्रेनिंग भी हर स्थान पर ठीक नहीं हो पा रही है। किताबी शिक्षा तो हो जाती है , प्रैक्टिकल अनुभव नहीं। नए - नए आबिष्कारों के लिए एक समय में भारत जाना जाता था , चाहे वह खगोलशास्त्र हो अथवा हड़प्पा और मोहनजोदड़ो के भवनों का निर्माण , अथवा आयुर्विज्ञान, किन्तु आज की शिक्षा के द्वारा हैम यह नहीं कर प् रहे हैं। हैम छोटी - छोटी मशीनों के लिए भी विदेशों को मोटी रायल्टी देकर ले लेते हैं। नए मूलभूत आबिष्कारों की तो बात ही जेन दें। अतः न हम एक अच्छे मनुष्य हो पा रहे हैं, न एक अच्छे विचारक , न एक अच्छे वैज्ञानिक और न ही शाश्वत सामाजिक मूल्यों के आधार पर अपने जीवन को ही रच पा रहे हैं।

(साभार : आरा के नर्मदेश्वर ओझा द्वारा लिखित पुस्तक " राष्ट्रीयता सांस्कृतिक अवधारणा " में शुभाशंसा शीर्षक अंतर्गत भारतीय पुरातत्व परिषद् , दिल्ली के स्वराज्य प्रकाश गुप्त के उदगार )

सोमवार, 27 जनवरी 2014

भ्रष्टाचार विरोधी अभियान /आरटीआई जनजागरूकता अभियान

भ्रष्टाचार विरोधी अभियान आरटीआई जनजागरूकता अभियान हेल्पलाइन नंबर : 09910341785 सूचना का अधिकार ( RTI) जनजागरूकता कार्यशाला ......................................................................…………………………………………। लोकतंत्र के सशक्तिकरण में आरटीआई का महत्वपूर्ण योगदान है। पारदर्शिता एवं जबाबदेही ही लोकतंत्र लोकतंत्र का आधार है। सरकार एवं अन्य संवैधानिक संस्थाओं और प्रतिष्ठानों से सूचना प्राप्त करने का अधिकार अब सभी भारतवासियों को प्राप्त हो गया है. संसद में सूचना का अधिकार विधेयक 11 मई 2005 को पारित किया गया तथा 13 अक्टूबर 2005 को यह कानून के रूप में पूरे देश में लागू कर दिया गया है. इस क़ानून के दायरे में सरकारी , अर्धसरकारी संस्थाओं तथा विभागों के अतिरिक्त ऐसे और सरकारी संगठन भी आते हैं ,जिन्हे सरकार द्वारा वित्तीय सहायता मिली है। RTI द्वारा मानवाधिकार के उल्लंघन के मामलों एवं किसी जांच प्रक्रिया के पूर्ण हो जाने पर उसके बारे में सूचना प्राप्त की जा सकती है.. ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत , जिला पंचायत , नगर पंचायत , विधायक, सांसद, विधान परिषद् सदस्य इत्यादि के कार्यनिधियों एवं आय -व्यय का ब्यौरा भी प्राप्त किया जा सकता है। इसके माध्यम से सूचनाएं सामग्री के रूप में भी प्राप्त करने का हक़ है. सभी दस्तावेजों की फ़ोटो प्रति या इलेक्ट्रॉनिक रूप ( फलॉपी, सीडी ,वीडिओ कैसेट ,टेप ) में भी प्राप्त किया जा सकता है। किसी रिपोर्ट , निर्णय, नए कानून , किसी मीटिंग कि कार्यवाही तथा पत्रावली पर की गई टिप्पणियों की नक़ल भी मांगी जा सकती है। किसी सूचना के न मिलने या कार्य न हो पाने के कारण एवं इसके लिए दोषी व्यक्ति का नाम भी पूछा जा सकता है। भ्रष्टाचार कि निर्वाध धारा को रोकने एवं अपने अधिकार को पाने के लिए " सूचना का अधिकार " रूपी अधिकार का प्रयोग करने की परम आवश्यकता है. वास्तव में संगठित होकर इस अधिकार के प्रयोग द्वारा " सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन " का आगाज किया जा सकता है। दुर्भाग्य से आज देश की अधिकांश जनता अपने अधिकारों से ही अनभिज्ञ है , जिससे वह अपने अधिकारों का स्वहित , समाजहित एवं राष्ट्रहित में उपयोग नहीं कर पाती है। इस अनभिज्ञता को ख़त्म करने एवं आरटीआई क़ानून के सम्बन्ध में जानकारी देकर आम नागरिक को सशक्त कर सरकारी योजनाओं , परियोजनाओं कि वास्तविक स्थिति से अवगत करवाना हमारा मकसद है. सरकारी विभागों कि कार्यप्रणाली पर जनता की मॉनीटरिंग आरटीआई द्वारा सम्भव है। हमारे टैक्स का पैसा कहाँ, कैसे और कितना खर्च हुआ का हिसाब RTI द्वारा लिए बिना भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता। जनता का उसके अधिकार एवं कर्तव्य , समस्या एवं समाधान के प्रति जब तक जागरूक नहीं किया जाएगा तब तक स्थिति में परिवर्तन नहीं होगा। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु हम आपकी मदद कर सकते हैं। यदि आपका विभाग संस्था उपरोक्त मकसद हेतु आम नागरिक को RTI क़ानून से जागरूक करने हेतु इच्छुक एवं कार्यक्रम संयोजन की सारी व्यवस्था करने/ करवाने हेतु सक्षम हो तो हैम आपके साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार हैं। आपका सकारात्मक सहयोग एवं सुझाव अपेक्षित है। चाँद मुट्ठीभर भ्रष्टाचारियों ने भ्रष्ट तंत्र व क़ानून का सहारा लेकर आम जनता का हर क्षेत्र में शोषण किया है और जनता के मौलिक अधिकारों को क़ानून के भंवरजाल में उलझकर जनता का शोषण कर रहे हैं , परन्तु इन चंद भ्रष्टाचारियों की दौलत जनता की ताकत के आगे कुछ भी नहीं है। अतः हमें उन भ्रष्ट लोगों द्वारा किए जा रहे शोषण का क़ानून के दायरे में रहकर विरोध करना होगा। आइए हमसे जुड़ें और " भ्रष्टाचार के खिलाफ हल्ला बोल " अभियान का हिस्सा बनकर अपनी समस्याओं का निदान स्वयं निकालें ! नव वर्ष 2014 की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ................ गोपाल प्रसाद ( आरटीआई एक्टिविस्ट) राष्ट्रीय संयोजक , भ्रष्टाचार विरोधी अभियान दिल्ली पता : मकान नंबर -210, गली नंबर -3, पाल मोहल्ला निकट मोहनबाबा मंदिर , मंडावली, दिल्ली- 110092 मोबाइल : 09910341785 ईमेल : sampoornkranti@gmail.com ब्लॉग : http://sampoornkranti.blogspot.in फेसबुक : www.facebook.com/gopal.prasad.102 अमेठी पता : अवध निवास, प्रथम तल, निकट विंध्याचल मंदिर , गंगागंज, अमेठी (उ. प्र.)

रविवार, 19 जनवरी 2014

परिक्रमा नहीं पराक्रम के बदौलत अमेठी से भाजपा टिकट पाने का है आत्मविश्वास : गोपाल प्रसाद

लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चूका है। सर्द भरे तापमान के बाबजूद राजनैतिक सरगर्मी ने देश के कथित वीवीआईपी संसदीय क्षेत्र अमेठी का राजनैतिक तापमान बढ़ा दिया है। हर तरफ राजनैतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। राजनैतिक पंडित अपने-अपने समीकरण बनाने में लगे हैं। भावी प्रत्याशी अपने-अपने समर्थन में स्वयं को बढ़ा- चढ़ा कर पेश करने से चूक नहीं रहे हैं। कांग्रेस से अमेठी के वर्त्तमान सांसद राहुल गांधी अपने तीसरे राजनैतिक हेतु पुनः उम्मीदवार होंगे। हालाँकि 10 जनवरी के उनके आगमन कि सारी तैयारी प्रकृति के कोप के कारन स्थगित हो गया। खास बात यह है कि पिछले काफी समय से सुल्तानपुर के कांग्रेस सांसद डा. संजय सिंह के भाजपा में शामिल होने की चर्चा शीर्ष पर थी। विश्वसनीय सूत्र के अनुसार संजय सिंह की शर्त को भाजपा हाईकमान के असहमति एवं संघ की हरी झंडी न मिल पाने के कारण यह कयास मूर्त रूप नहीं ले सका. दिल्ली में सत्तासीन अरविंद केजरीवाल कि आम आदमी पार्टी के डा. कुमार विश्वास जो प्रोफेशनल कवि के साथ- साथ स्वयं घोषित उम्मीदवार भी हैं, के अमेठी आगमन की पहली तिथि स्थगित हो जाने के बाद 12 जनवरी को ज्यादातर बाहरी लोगों की सहभागिता से रैली हुई ,जिसमे उन्होंने अपने जुबान की फिसलन पर माफी भी मांगी। इन राजनैतिक हालातों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद् से जुड़े रहे तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय जोशी से काफी प्रभावित व करीबी गोपाल प्रसाद परिक्रमा नहीं पराक्रम के बदौलत अमेठी से भाजपा टिकट पाने का आत्मविश्वास रखते हैं 12 जनवरी को अमेठी में वे भाजयुमो के नमो टी स्टाल के सञ्चालन में जी जान से जुटे थे। पिछले लोकसभा चुनाव में लगभग 37 हजार मत प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त करनेवाली भाजपा के प्रत्याशी रहे प्रदीप सिंह थौरी एवं विगत विधानसभा चुनाव में लगभग 8 हजार मत प्राप्त करनेवाली प्रत्याशी पूर्व ब्लाक प्रमुख रश्मि सिंह ने उत्तरप्रदेश भाजपा के प्रभारी अमित शाह एवं रामेश्वर चौरसिया के साथ लखनऊ एवं दिल्ली के कई बड़े नेताओं के समक्ष अपनी दावेदारी पेश किये थे , परन्तु इन दोनों उम्मीदवारों को स्पष्ट रूप से ख़ारिज कर दिया गया था। चर्चा है कि खुद हाईकमान ने डा. संजय सिंह के सम्भावित उम्मीदवारी पर अमेठी भाजपा के नेताओं की थाह ली थी। अमेठी भाजपा के अधिकांश नेताओं के स्पष्ट विरोध के स्वर डा. संजय सिंह के प्रस्तावित उम्मीदवारी को लेकर उठने लगे थे। इसी बीच पिछले एक साल से अमेठी नगर के गंगागंज इलाके में रह रहे दिल्ली के आरटीआई एक्टिविस्ट गोपाल प्रसाद ने भाजपा से टिकट की दावेदारी करके सबको चौंकाया। विगत एक बर्ष से वे अमेठी, रायबरेली, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ जनपद जैसे प्रमुख कांग्रेसी गढ़ में आरटीआई प्रशिक्षण के माध्यम से जनजागरूकता शिविर द्वारा जनता से संपर्क साधने में तल्लीन रहे। उनका कहना है कि अमेठी को विकास की राह पर लाना , राहुल गांधी के डपोरशंखी वादों, दावों की कलई खोलना , कांग्रेस सरकार द्वारा बेतहाशा मंहगाई एवं भ्रष्टाचार की वृद्धि तथा तुष्टिकरण के राजनीती की बारीकियों को जनता तक लाएंगे। संपर्क, समन्वय एवं संवाद उनका मूलमंत्र है। जल, जंगल और जमीन के मुद्दों को लेकर संघर्षरत गोपाल प्रसाद भय , भूख और भ्रष्टाचार के खिलाफ अमेठी से बड़े आंदोलन की पृष्ठभूमि तैयार कर रहे हैं। इस उद्देश्य हेतु वे भ्रष्टाचार विरोधी अभियान एवं आरटीआई जनजागरूकता अभियान से सम्बंधित पर्चा/ हैंडबिल छपवाकर उसे सर्वप्रथम अमेठी लोकसभा के सम्पूर्ण इलाकों में वितरित करवाने तथा सुझाव हासिल करने की योजना बना रहे हैं। भाजपा के रूठे, टूटे एवं निष्क्रिय कार्यकर्ताओं को उत्प्रेरित कर सक्रीय करने हेतु वे संकल्पित हैं। विगत 3 जनवरी से 25 जनवरी तक अमेठी लोकसभा क्षेत्र के विभिन्न विधानसभाओं में भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला महामंत्री अधिवक्ता सुधांशु शुक्ल द्वारा युवा मित्र सदस्यता अभियान हेतु युवा साथियों के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। नव बर्ष के अवसर पर चनकीपुरी स्थित एक कंप्यूटर कोचिंग संस्थान में वृक्षारोपण एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय प्रांगण में श्रमदान कार्यक्रम की पहल करके विशिष्ट सन्देश दिया है। अमेठी जल विरादरी के बैनर तले भारतीय संस्कृति एवं जल प्रवंधन बिषय पर विचार गोष्ठी के अवसर पर पर्यावरण तथा भारतीय संस्कृति से सम्बंधित बिषयों पर आरटीआई लगाने के संकल्प से अमेठी के वुद्धिजीवियों को इन्होने झकझोड़ने का प्रयास किया एवं एक अमिट पहचान बनाई। गोपाल प्रसाद का कहना है कि अमेठी में उन्होंने शून्य से शुरुआत की है। शून्य का वैसे तो कोई वैल्यू नहीं है , परन्तु जिस किसी के बाद शून्य स्थापित हो जाता है , उसका मूल्य दस गुना बढ़ जाता है। वर्त्तमान में वे इसी समीकरण पर कार्य कर रहे हैं। उनके प्रयास से अमेठी नगर में इस बार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस समारोह का आयोजन संघ कार्यालय के प्रांगण में ही हुआ , जिसमें उन्होंने पहली बार वक्तव्य दिया। उस सम्बोधन में उन्होंने वाजपेयी सरकार के कार्यकाल में गठित आरटीआई ड्राफ्टिंग कमिटी के योगदान का जिक्र किया और कहा कि सोनिया एवं राहुल सूचना का अधिकार कानून का श्रेय लेना चाहते हैं परन्तु वास्तविकता यह है कि देश के विभिन्न अदालतों में दो हजार से ऊपर रिट याचिकाएं दायर होने के उपरांत सर्वोच्च न्यायलय के आदेश पर वर्त्तमान यूपीए सरकार को आरटीआई कानून बनाने का निर्णय लेने को विवश होना पड़ा। प्रतापगढ़ जिले के किठावर प्रखंड में रायसाहब सिंह के आमंत्रण पर भाजपा के मंच से उन्होंने आरटीआई के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया , जहां उन्हें अंगवस्त्रम एवं मदभागवतगीता देकर सम्मानित किया गया। प्रतापगढ़ में गढ़वारा के पूर्व विधयक एवं भाजपा नेता ब्रजेश मिश्र सौरभ का काफी सहयोग उन्हें मिला। उन्हीं के साथ वे सुल्तानपुर में भाजपा रैली में वरुण गांधी के समक्ष हजारों कार्यकर्ताओं के साथ मोदी टी शर्ट पहने पूर्णरूपेण सक्रिय रहे। अमेठी क्षेत्र में जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे की समीक्षा , समस्या एवं समाधान तथा जनहित के हर पहलू को जानने के उद्देश्य से वे लगभग दस अख़बारों का नियमित रूप से गहन अध्ध्यन एवं कटिंग करके बिषयवार ब्यौरा संग्रहित भी करते हैं। अब तो उन्होंने अमेठी के जिलाधिकारी कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय एवं नगर पंचायत अमेठी कार्यालय में आरटीआई फाईल करके एक नई पारी की शुरुआत की है। उनका मानना है कि ठेकेदारों के माध्यम से वोट बटोरने कीपद्धति इस बार के लोकसभा चुनाव में समाप्त हो जायेगी। सादगी, सहजता, सौम्य व्यवहार , नैतिकता , आचरण , कार्यशैली, क्रियाशीलता को वरीयता मिलेगी। विगत अक्टूबर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रथम अभ्यास वर्ग में प्रशिक्षण लेकर स्वयंसेवकों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने का कार्य भी वे कर रहे हैं। पिछले दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों के उच्चस्तरीय बैठक ( सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज, गौरीगंज) में भी वे शामिल रहे। उनके कार्यों एवं मिलनसार और सेवाभावी व्यवहार ने संघ के साथ -साथ अमेठी के भाजपा पदाधिकारियों , वरिष्ठ नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को काफी प्रभावित किया है। ऐसे में कोई आश्चर्य नहीं कि उनका नाम सर्वसम्मति से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चयनित हो जाय। इधर अमेठी लोकसभा चुनाव में कमल खिलाने की जिम्मेदारी भाजपा के तीन दिग्गज क्षेत्रीय नेताओं को सौंपी गयी है. राष्ट्रीय परिषद् के सदस्य गोविन्द नारायण शुक्ल उर्फ राजा बाबू को लोकसभा का संयोजक बनाया गया है। अमेठी के पूर्व विधायक पंडित यमुना प्रसाद मिश्रा और गौरीगंज के पूर्व विधायक तेजभान सिंह पलक बनाए गए हैं। 17-19 जनवरी को भाजपा की राष्ट्रीय परिषद् की बैठक की समाप्ति के बाद पार्टी के नए कार्यक्रम, रणनीति एवं उम्मीदवारों की सूची जारी होने की सूचना के उपरान्त गोपाल प्रसाद के उत्साह एवं लोकप्रियता में प्रतिदिन इजाफा हो रहा है। --------------------------------------------------------------------------------------------- GOPAL PRASAD ( RTI ACTIVIST ) HOUSE NO. -210, STREET NO. -3, PAL MOHALLA , NEAR MOHANBABA MANDIR, MANDAWALI, DELHI-110092. 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