मंगलवार, 13 मई 2014

अमेठी का अनुभव : गोपाल प्रसाद ( आर टी आई एक्टिविस्ट )


विगत 13 अप्रैल 2014 से 07  मई  2014 तक लोकसभा  चुनाव के दौरान अमेठी में रहकर काफी अनुभव प्राप्त किया।  कुछ लोगों की आंतरिक मानसिकता एवं उनकी वास्तविकता से रूबरू हुआ।  भाजपा से टिकट  नहीं मिलने के बाद  वरिष्ठ  भाजपा नेता श्री संजय जोशी एवं राष्ट्रीय  स्वयं सेवक  संघ   के वरिष्ठ पदाधिकारी श्री इन्द्रेश जी के इच्छानुसार  मैंने अमेठी से निर्दलीय उम्मीदवारी का विचार  त्याग दिया।
            स्वामी रामदेव जी के अमेठी आगमन  की तैयारी एवं फिर स्थगित होने  के बाबजूद भारत स्वाभिमान ट्रस्ट से जुड़े होने के कारण सम्पूर्ण चुनाव अवधि में उत्तरप्रदेश प्रभारी श्री सन्देश योगीजी , श्री दुर्गेशजी , श्री सुरेन्द्र सिंह जी एवं श्री शशांकजी के  सानिध्य में सैकड़ों  कार्यकर्ताओं के साथ सम्पूर्ण समय  दिया एवं श्री नरेंद्र मोदी जी को प्रधानमंत्री पद पर पदासीन करने हेतु भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने में प्राणपण से जुटे रहे।
   मेरा  अमेठी से चुनाव लड़ने की इच्छा  का कारण  राहुल गांधी के भाषण की एक उक्ति थी। राहुल गांधी ने  कहा  था कि बिहार  और उत्तर प्रदेश के लोग दिल्ली एवं मुम्बई में भीख मांगने का काम करते हैं .साथ  ही  उन्होंने यह भी कहा था कि अमेठी के लोग काम नहीं करना चाहते हैं। उनके  इसी  वक्तव्य का बदला लेने का गुस्सा मेरे दिल में उबाल मार रहा  था  . वर्त्तमान सांसद राहुल गांधी के डपोरशंखी वादों  एवं दावों की कलई खोलना  ही हमारा मकसद है।
   अमेठी क्षेत्र से जुड़ाव एवं प्रतिबद्धता के संकल्प  से मैं पीछे नहीं रहा।  हमें विश्वास है कि अमेठी की जनता को  वर्तमान सांसद श्री राहुल गांधी की नाकामियों एवं सच्छाईयों से अवगत करने का मेरा प्रयास एक न एक दिन अवश्य रंग लाएगा।  हमें खुशी है कि दो वर्षों के अमेठी प्रवास में हमारे उद्देश्यों , विचारधाराओं को महत्व देनेवाले भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत फ़ौजी  भेटुआ निवासी श्री  सुरेशचन्द्र पाण्डेय  नामक मात्र एक व्यक्ति मिले।
         अमेठी की मूलभूत समस्याओं के निदान एवं विकास हेतु हमारा  बहुउद्देश्यीय  संघर्ष अनवरत रूप से जारी रहेगा।  मैं हार माननेवाला व्यक्ति नहीं हूँ और न ही पीछे मुड़कर देखनेवाला प्राणी।  अपनी असफलताओं से सबक लेकर  नई शक्ति , नई ऊर्जा , नई टीम के साथ राष्ट्र के महत्वपूर्ण उद्देश्यों की पूर्ति हेतु सतत गतिशील रहूंगा
     गोरखपुर में आयोजित  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ  प्रथम वर्ष (विशेष) प्रशिक्षण शिविर  जो  संभवतः 25 मई से 15 जून तक  चलेगा में भाग लेने हेतु 23 मई को अमेठी से प्रस्थान करूंगा।
अमेठी वासियों को निम्न पंक्तियों के मर्म समझने की जरूरत है -----
" करत -करत अभ्यास ते, जड़मति होत सुजान
 रसरी आवत जात ते, सिल पर पडत निशान। "
       जिन साथियों एवं शुभेक्षुओं ने मुझ जैसे तुच्छ , निर्बल , बुद्धिहीन पर अब भी विश्वास व्यक्त किया एवं आर्थिक सम्बल दिया उनका मैं आजीवन आभारी रहूंगा।
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